अग्निपथ का विरोध, मीडिया पर हमला-लूट क्यों: चौहान

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पलवल, (प्राइम न्यूज़ ब्यूरो)। भारत सरकार की योजना अग्निपथ का विरोध करते हुए उपद्रवी युवा इतने आक्रामक हो गए कि उन्होंने पुलिस प्रशासन के साथ-साथ मीडिया पर हमला किया और उनसे लूट भी की। आखिर ऐसा क्यों? समाज के लिए सदैव तत्पर रहने वाले मीडियाकर्मी, समाज के सुख दुख में उनकी आवाज बनकर उनकी लड़ाई लड़ने वाले मीडियाकर्मी, आज इन उपद्रवी युवाओं को दुश्मन नजर आने लगे। इससे स्पष्ट जाहिर है कि यह युवा एक सोची समझी साजिश के तहत देश के माहौल को बिगाड़ने के लिए जिम्मेदार हैं।

विष्णु चौहान, संस्थापक मिशन जर्नलिस्ट्स प्रोटेक्शन इंडिया एवं संपादक दबंग हरियाणा

हरियाणा के पलवल, रेवाड़ी, रोहतक सहित देश के कई हिस्सों में कवरेज कर रहे मीडियाकर्मियों पर हमला होना अत्यंत निंदनीय कार्य है, जो उपद्रवी युवाओं के द्वारा किया गया है कई जगहों पर मीडिया कर्मियों से उनका कैमरा, मोबाइल लूटने की भी सूचनाएं मिली है। जिसकी मिशन जर्नलिस्ट्स प्रोटेक्शन इंडिया के संस्थापक विष्णु चौहान सहित सभी पत्रकार संगठन कठोर शब्दों में निंदा करते हैं। चौहान ने दूसरी तरफ देश की संपत्ति को अभूतपूर्व नुकसान पहुंचाने, देश में आगजनी करने व देश में भय का माहौल पैदा करने जैसे कृत्य करने वाले युवा देशभक्त, या सेना में भर्ती के लिए तैयारी करने वाले युवक नहीं हो सकते।

उन्होंने कहा की विरोध जताने के, अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के, शांतिपर्वक बहुत से तरीके हैं। लेकिन समाज के निष्ठावान लोगों के द्वारा मेहनत करके कमाए गए धन पर टैक्स के पैसे से किए गए विकास को क्षतिग्रस्त करना यह किस तरह का विरोध प्रदर्शन है? क्या यह समझदारी है या फिर कुछ लोगों के हाथ में खेल कर आंख बंद कर देश में भय का माहौल पैदा करने की तैयारी है? ऐसे हालात में सरकार को चाहिए कि ऐसे लोगों को चिन्हित कर, कठोर निर्णय लें कि आजीवन किसी भी उपद्रवी को कोई भी सरकारी सुविधा नही मिल पाए, ऐसा सुनिश्चित किया जाए।

सरकारों द्वारा देश की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले उपद्रवियों के प्रति कठोर निर्णय न लेना, देश में ऐसी उपद्रवी भावना को बढ़ावा देगा जिसका खामियाजा देश के प्रति समर्पित एवं सच्ची भावना रखने वाले लोगों को अक्सर भुगतना पड़ता है। सरकार ने देश की सेवा के लिए एक विकल्प के रूप में एक योजना रखी, जिसे स्वीकार करना, उस योजना के तहत नौकरी करना यह आपका अपना मत है। क्या कोई आपको जबरदस्ती करके उस योजना के तहत नौकरी करवा रहा है यदि नहीं तो फिर ऐसा उपद्रव क्यों?

दुनिया में लगभग 100 देशों मे सेना मे काम करना प्रत्येक नागरिक के लिए एक निश्चित समय के लिए अनिवार्य है। इजराइल जैसे देश मे यदि आप सिनेमा मे काम करते हैं, यदि आप डाक्टर हैं, वैज्ञानिक हैं या फिर आप कविता लिखते हैं, आपको सेना मे काम करना ही है। केवल अपाहिज लोगों को इसमे छुट मिलती है। भारत मे अग्निवीर पद्धति के अनुसार सेना मे चार साल नौकरी का विकल्प है। आपको यह नौकरी करने के लिए कोई बाध्य नही कर सकता। ना ही सेना के इस नौकरी से देश की अन्य नौकरी पर कोई असर पड़ने वाला है।

अग्निपथ के तहत काम करने वाले अग्निवीरों के लिए तहत् चार साल की नौकरी सुनिश्चित होती हैं। उसके बाद 25% अग्नीवीरों को स्थाई रुप से सेना मे नौकरी मिल जाती है और शेष 75% कोई अन्य नौकरी करने मैं सक्षम होंगे और सेना का विशेष प्रशिक्षण उनके पास योग्यता के रूप में रहेगा। चौहान ने बताया कि मानकर चलें कि सेना मे प्रतिवर्ष 50,000 की वर्तमान भर्ती होती है, जो कि भविष्य में लगातार होती रहेगी अर्थात कुछ समय बाद 1.5 लाख लोग प्रत्येक साल सेना मे चार साल नौकरी करने के बाद ओपेन जाब मार्किट मे आ जाएँगे और 50 हजार सामान्य रुप मे सेना मे स्थाई रुप से जम जाएँगे।

अग्निवीर जो 4 वर्ष में सेना में अपना समय देकर आएंगे वह समाज के लिए एक आदर्श होंगे जो स्वयं की सुरक्षा के साथ-साथ समाज में आने वाली किसी भी विषम परिस्थिति में समाज की सेवा व सुरक्षा करने में भी सक्षम होंगे। आज सेना के अलावा समाज की ओर देखा जाए तो कितने ऐसे लोग हैं जो किसी भी विषम परिस्थिति में समाज को सुरक्षा देने में सक्षम हैं? इसलिए देश के युवाओं को निष्पक्ष भावना से विचार करते हुए यह अवश्य स्वीकारना चाहिए कि सिर्फ पैसों के लिए नौकरी करना उनका धेय्य नहीं है।

4 वर्ष सेना में प्रशिक्षण लेने के बाद एक विशेष योग्यता उन सभी अग्निवीरों के पास होगी, जो उन्हें किसी भी विभाग में एक स्पेशल योग्यता होने के कारण वरीयता दिलाने का कार्य करेगी। अग्निवीर 17 साल मे आर्मी ज्वाइन करता है तो 21 मे वह रिटायर होगा। 24 मे ग्रैजुएट होगा और उस समय उसके पास सेना का शुद्ध प्रशिक्षण एवं आर्थिक समृद्धि के रूप में र 12 लाख रुपये मौजूद रहेंगे। अग्निपथ योजना के तहत प्रशिक्षित अग्नि वीरों की संख्या देश को जहां एक तरफ सैन्य रूप से सशक्त बनाएगी वहीं दूसरी तरफ समाज के प्रति अग्नि वीरों की निष्ठा समाज में चेतना लाकर नव समाज का निर्माण करने में सक्षम होगी। तब यही कहलायेंगे इस देश को सही दिशा देने वाले अग्निवीर।

(लेखक दबंग हरियाणा के संपादक हैं)

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